महासम्मेलन 2017

कार्यक्रम

अखड़ा महासम्मेलन हर तीन साल पर आयोजित होता है और दो दिनों तक चलता है. दो दिनों के दौरान उद्घाटन सत्र, सांगठनिक सत्र, सांस्कृतिक सत्र और समापन सहित महत्वपूर्ण सत्र संचालित किए जाते हैं. 6-7 मई 2017 को आयोजित चौथे अखड़ा महासम्मेलन का कार्यक्रम विवरण आप यहां देख सकते हैं.

खास गोतिया

महासम्मेलन में साहित्य-संस्कृति से जुड़े देश के जाने-माने आदिवासी-मूलवासी व्यक्तियों को आमंत्रित किया जाता है. इस बार के महासम्मेलन में संताली की वरिष्ठ साहित्यकार डा. दमयंती बेसरा, सुप्रसिद्ध लेखक-चिंतक और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रेमकुमार मणि व लब्धप्रतिष्ठ आलोचक डा. चौथीराम यादव हमारे मुख्य अतिथि हैं.

अखड़ा सम्मान

हर महासम्मेलन में झारखंड के क्षेत्रीय और आदिवासी भाषाओं के साहित्यकारों, कलाकारों और संस्कृतिकर्मियों को उनके सृजनात्मक योगदान के लिए ‘अखड़ा सम्मान’ से सम्मानित किया जाता है. इसके तहत सम्मान पत्र, झारखंडी गमछा और प्रतीक चिन्ह प्रदान किए जाते हैं.

रजिस्ट्रेशन कराएं

अखड़ा महासम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों से लगभग 300 लेखक, कलाकार, भाषाविद्, बुद्धिजीवी और संस्कृतिकर्मी शामिल होते हैं. जो साथी महासम्मेलन में आना चाह रहे हैं कृपया वे अपना रजिस्ट्रेशन तुरंत करा लें ताकि रहने-खाने आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके.

महासम्मेलन विशेष आकर्षण

हमारे खास मेहमान

संताली की वरिष्ठ साहित्यकार डा. दमयंती बेसरा (ओड़िसा), सुप्रसिद्ध लेखक-चिंतक और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रेमकुमार मणि (पटना) व लब्धप्रतिष्ठ आलोचक डा. चौथीराम यादव (बनारस) चौथे अखड़ा महासम्मेलन में हमारे मुख्य अतिथि हैं.

जयपाल सिंह मुंडा आदिवासियत सम्मान

इस बार से अखड़ा ने देश स्तर पर जयपाल सिंह मुंडा आदिवासियत सम्मान देने का निर्णय लिया है. यह सम्मान उस आदिवासी व्यक्तित्व को दिया जाएगा जिसने आदिवासी भाषा-साहित्य, संस्कृति, कला या अन्य किसी बौद्धिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है.

कोयल-कारो रंग-रोगन कला अखड़ा

महासम्मेलन के अवसर पर आदिवासी-मूलवासी समाज और संस्कृति पर आधारित पेंटिंग्स, वस्तुओं, चित्रों आदि की कलात्मक छवियों की प्रदर्शनी लगायी जाती है.

    सोबरनाखा सकम हाट

    झारखंडी भाषाओं में प्रकाशित दुर्लभ और नवीनतम प्रकाशनों को महासम्मेलन में शामिल लोगों के अवलोकनार्थ तथा बिक्री के लिए विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाता है.

      राजमहल-सारंडा इतिहास पटिया

      यह प्रदर्शनी इतिहास से संबंधित होती है. झारखंड के गौरवशाली और संघर्षशील ऐतिहासिक घटनाओं को चित्रों तथा शब्दों के जरिए पेश करना ही इसका मुख्य उद्देश्य है.

        दामोदर-संख परफॉरमेंस अंगना

        महासम्मेलन का मुख्य आकर्षण सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होती हैं जिनमें चुनिंदा लोक कलाकार और संस्कृतिकर्मी कविता, गीत और पारंपरिक नृत्य-संगीत प्रदर्शित करते हैं.