‘अखड़ा साहित्य सम्मान 2013’ से सम्मानित होंगे 20 देशज-आदिवासी साहित्यकार

Akhra Mahasammelan2013 Awards

झारखण्डी भाषा साहित्य संस्कृति अखड़ा के तीसरे महासम्मेलन के अवसर पर झारखण्डी भाषाओं के 20 साहित्यकारों ‘अखड़ा साहित्य सम्मान’ प्रदान किया जाएगा. झारखंडी समाज को अपने इन साहित्यकारों पर गर्व है. जिन्होंने प्रतिकूल परिस्थितियों और सरकारी उदासीनता के बावजूद अपने साहित्य सृजन से झारखंडी जनता के सांस्कृतिक संघर्ष को अभिव्यक्ति दी है.

‘अखड़ा साहित्य सम्मान 2013’ से अलंकृत होने वाले विभिन्न भाषा समुदायों के ये साहित्यकार हैं -
असुर साहित्य के लिए मेलन असुर व संपति असुर
हो साहित्य के लिए कमल लोचन कोड़ाह व दमयंती सिंकु
खड़िया साहित्य के लिए विश्राम टेटे व प्रतिमा कुल्लू
खोरठा साहित्य के लिए डॉ. नागेश्वर महतो व पंचम महतो
कुड़मालि साहित्य के लिए भगवान दास महतो व सुनील महतो
कुड़ुख साहित्य के लिए अघनु उरांव व फ्रांसिस्का कुजूर
मुण्डारी साहित्य के लिए मंगल सिंह मुण्डा व तनुजा मुण्डा
नागपुरी साहित्य के लिए डॉ. वीपी केशरी व डॉ. कुमारी बासंती
पंचपरगनिया साहित्य के लिए प्रो. परमानंद महतो व विपिन बिहारी मुखी
संताली साहित्य के लिए चुंडा सोरेन ‘सिपाही’ व सुंदर मनोज हेम्ब्रम

अखड़ा सम्मान से सम्मानित होनेवाले इन सभी झारखंडी साहित्यकारों को 7-8 सितंबर को रांची में आयोजित होनेवाले महासम्मेलन के उद्घाटन सत्र में देश के सुप्रसिद्ध कथाकार एवं कवि उदय प्रकाश सम्मान प्रदान करेंगे. उद्घाटन सत्र दिन के 2 बजे से रांची के मोरहाबादी स्थित शहीद स्मृति केन्द्रिय पुस्तकालय सभागार (सेंट्रल लायब्रेरी हॉल) में आयोजित होगा.

तीसरे महासम्मेलन की केन्द्रीय थीम है - जीवन के लिए भाषा और भाषा के लिए जीवन. महासम्मेलन झारखंडी अस्मिता, भाषाई पहचान और जल, जंगल, जमीन पर पुरखौती अधिकार की बहाली के सवाल पर केन्द्रित होगा तथा महासम्मेलन का समापन संस्कृतिकर्मियों के ‘भाषा रचाव डोमिसाइल बचाव’ रैली से होगी.

वंदना टेटे
महासचिव
झारखण्डी भाषा साहित्य संस्कृति अखड़ा
रांची (झारखण्ड)

अखड़ा साहित्य सम्मान 2013 की तस्वीरें देखें

पद्मश्री राम दयाल मुण्डा राष्ट्र आदिवासी साहित्य सम्मान 2013

रासबिहारी मंडल-श्रीमतीबाला मंडल स्मृति स्कॉलरशिप